हल्द्वानी, 3 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
BAT BMS App : रामनगर के पीरूमदारा और मुख्य शहर में दौड़ने वाले 200 से अधिक ई-रिक्शा चालकों ने गुरुवार को जीजीआईसी ग्राउंड में इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया। बुधवार की रात अचानक 15 ई-रिक्शा के पहिए बीच सड़क पर थम जाने के बाद देर रात ही डरे सहमे चालक कोतवाली पहुंच गए और कोतवाल सुशील कुमार से मुलाकात कर तीन संदिग्ध युवकों पर हैकिंग का आरोप लगाया।
प्रशासन हरकत में तब आया जब एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने पुलिस को इस मामले में कड़ी विधिक कार्रवाई के निर्देश देकर चालकों को शांत कराया जिसके बाद ही वे काम पर लौटे। कोतवाल के मुताबिक कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
सड़कों पर अराजकता फैलाने वाले ई-रिक्शा चालकों को सबक सिखाने के नाम पर कुछ लड़कों ने सोशल मीडिया पर ‘बीएटी बीएमएस’ (BAT BMS) ऐप के इस्तेमाल का वीडियो वायरल किया था। इस वीडियो को देखने के बाद शहर के कई अन्य शरारती तत्वों ने इसे मजाक समझकर राह चलते वाहनों पर आजमाना शुरू कर दिया है। ई-रिक्शा चालकों में इस समय खौफ का माहौल बना हुआ है क्योंकि बिना किसी तकनीकी खराबी के चलती गाड़ी अचानक बंद हो रही है।
हल्द्वानी शहर के भीतर ही अब तक 400 से अधिक ई-रिक्शा इस अजीबोगरीब तकनीकी हमले का शिकार बन चुके हैं। ई-रिक्शा डीलर और ई-रिक्शा यूनियन की संगठन मंत्री उर्वशी बोरा ने साफ किया कि महज दो दिनों के भीतर उनके पास 450 से ज्यादा चालकों की लिखित और मौखिक शिकायतें आ चुकी हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग इस वजह से हादसों का शिकार होते-होते बचे हैं।
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आईटीआई रोड पर चालक राजेंद्र बिनवाल का ई-रिक्शा अचानक बंद हो गया। रामपुर रोड जंगल के पास कुलदीप बोरा की गाड़ी के पहिए थमे तो तिकोनिया चौराहे के पास जोगेंद्र चौहान का वाहन बंद हो गया। जगदंबा नगर में संतोष और कालाढूंगी रोड पर नीरज कश्यप भी इसी हैकिंग के शिकार हुए जिससे पीछे से आ रहे वाहनों से टक्कर होने की नौबत आ गई थी।
कैसे काम करता है यह चीनी ऐप और क्यों है असुरक्षित
सस्ते और बिना ब्रांड वाले ई-रिक्शा में लिथियम-आयन बैटरी की निगरानी के लिए एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) डिवाइस लगा होता है। यह डिवाइस ब्लूटूथ तरंगों के जरिए काम करता है जिससे चालक मोबाइल पर बैटरी का वोल्टेज, करंट, चार्ज और तापमान देख पाते हैं। चीनी बीएमएस डिवाइस में सुरक्षा के लिए कोई पासवर्ड या सिक्योरिटी फीचर नहीं दिया गया है जिसका फायदा हैकर्स उठा रहे हैं।
‘बीएटी बीएमएस’ नाम का यह चीनी ऐप जैसे ही किसी ई-रिक्शा के 10 से 15 मीटर के दायरे में आता है, यह बिना किसी अनुमति के सीधे रिक्शा के ब्लूटूथ बीएमएस से कनेक्ट हो जाता है। ऐप के भीतर दिए गए डिस्चार्ज स्विच को हैकर्स बंद कर देते हैं जिससे मोटर को मिलने वाली पावर सप्लाई तुरंत कट हो जाती है। पावर कट होते ही तेज रफ्तार ई-रिक्शा झटके के साथ सड़क पर ही खड़ा हो जाता है।
एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कत्याल ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी चलते हुए वाहन को बीच सड़क पर जानबूझकर रोकना या तकनीकी छेड़छाड़ करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। ई-रिक्शा चालकों की तरफ से औपचारिक शिकायत मिलते ही पुलिस आईटी ऐक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजेगी।
हैकिंग से बचने के लिए तकनीकी जानकारों की सलाह
- लिथियम-आयन बैटरी पर दिए गए बटन को कुछ देर तक दबाकर रखें ताकि उसका ब्लूटूथ डिसेबल हो जाए।
- अगर आपका बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) सपोर्ट करता है तो उसमें तुरंत एक मजबूत पासवर्ड सेट करें।
- ई-रिक्शा में हमेशा सुरक्षित और कंपनी प्रमाणित सर्टिफाइड सिक्योरिटी फीचर्स वाली बैटरी का ही इस्तेमाल करें।
- बंद पड़े वाहन को दोबारा शुरू करने के लिए बीएमएस ऐप को री-कनेक्ट कर सेटिंग्स रीसेट करें।

